ईरान में गिराया अमेरिकी फाइटर जेट: लापता पायलट की तलाश तेज, इनाम का ऐलान, मिडिल ईस्ट तनाव और गहराया
Iran- Us war : अमेरिका ईरान में गिराए गए अपने फाइटर जेट के पायलट की तलाश में लगा हुआ है। इस मिशन के लिए C-130 हरक्यूलिस जैसे बड़े विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए फ्लेयर्स छोड़ रहा है। इसी बीच इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी जेट के एक पायलट को ईरान के अंदर से जिंदा बचा लिया गया है। दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट गिराया है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह F-15E विमान हो सकता है।
रान में अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर ₹55 का लाख इनाम
ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (लगभग 55 लाख रुपए) के इनाम का ऐलान किया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के एक एंकर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सरकारी अधिकारी या सेना को सौंपे। व्हाइट हाउस ने ट्रम्प को फाइटर जेट गिरने की जानकारी दी। अमेरिका के एक फाइटर जेट को ईरान में गिराए जाने की घटना को लेकर कई जानकारी सामने आई हैं। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ट्रम्प को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान के सरकारी टीवी ने ऐलान किया कि जो कोई भी अमेरिकी पायलटों को जिंदा पकड़कर लाएगा, उसे इनाम दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जेट F-15E लड़ाकू विमान था, जिसमें दो लोग सवार थे एक पायलट और एक हथियार सिस्टम अधिकारी। दोनों ने हमले के बाद सुरक्षित तरीके से इजेक्ट (कूदकर बाहर निकलना) कर लिया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इन दोनों में से एक क्रू मेंबर को अमेरिकी सेना ने बचा लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि ईरान भी अपने स्तर पर इन पायलटों की तलाश कर रहा है और स्थानीय लोगों से मदद मांगी जा रही है। फिलहाल दूसरे लापता क्रू मेंबर को खोजने के लिए लगातार ऑपरेशन जारी है। ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर ऑफर को ठुकरा दिया है। ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह प्रपोजल बुधवार को एक तीसरे देश के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया था, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया।
ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान भी गिरा दिए। इनमें एक F-15E फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट है। F-15E फाइटर जेट पर ईरान के अंदर हमला हुआ। इसमें सवार एक क्रू मेंबर को रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि दूसरा अभी लापता है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी A-10 अटैक एयरक्राफ्ट पर्शियन गल्फ में गिरा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि विमान क्रैश हुआ या मार गिराया गया, यह साफ नहीं है। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि दो अमेरिकी हेलिकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग में हिट हुए हैं। दोनों ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर थे जो F-15E के लापता पायलट के सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए गए थे। यह पहली बार है जब करीब पांच हफ्तों से चल रहे इस युद्ध में अमेरिकी विमान गिराए गए हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इन घटनाओं का ईरान के साथ बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ट्रम्प ने रक्षा बजट 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की मांग की
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रम्प ने अमेरिकी संसद से रक्षा बजट में 1.5 ट्रिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी की मांग की है। ट्रम्प पहले से ही अमेरिका और उसके सहयोगियों के सैन्य खर्च बढ़ाने की बात करते रहे हैं। फिलहाल अमेरिका का रक्षा बजट लगभग 839 बिलियन डॉलर (करीब 70 लाख करोड़ रुपए) है।
बढ़ते तनाव से वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीधा टकराव बढ़ रहा है। सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में यह संकट वैश्विक स्तर पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर। ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट गिरने की घटना ने पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। एक ओर अमेरिका अपने पायलट को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान का सख्त रुख हालात को और जटिल बना रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह तनाव कूटनीति से सुलझता है या फिर एक बड़े संघर्ष का रूप लेता है।











