बीकानेर सहित पुरे राजस्थान में ब्लैकआउट की अफवाह से मचा हड़कंप, जानिए वायरल खबर की सच्चाई
बीकानेर न्यूज़। बीकानेर सहित पुरे राजस्थान में शनिवार सुबह से सोशल मीडिया और कई न्यूज प्लेटफॉर्म पर ब्लैकआउट को लेकर अफवाह फैलने से लोगों में पैनिक की स्थिति बन गई। वायरल खबरों में दावा किया जा रहा था कि बीकानेर समेत पूरे प्रदेश में बिजली बंद रहने वाली है, लेकिन जांच में यह खबर पूरी तरह भ्रामक निकली।
असल में क्या है सच्चाई?
दरअसल, यह कोई आपातकालीन ब्लैकआउट नहीं बल्कि एक वैश्विक पर्यावरण अभियान “अर्थ ऑवर” का हिस्सा है। इसके तहत आज रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए गैर-जरूरी बिजली उपकरण और लाइटें बंद रखने की अपील की गई है।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। जयपुर स्थित लोकभवन समेत कई सरकारी इमारतों में इस दौरान गैर-जरूरी लाइटें बंद रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या है अर्थ ऑवर?
अर्थ ऑवर एक वैश्विक अभियान है, जिसे वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) द्वारा चलाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को बिजली की बचत और ग्लोबल वार्मिंग के प्रति जागरूक करना है। यह अभियान दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है। एक घंटे के लिए लाइट बंद कर ऊर्जा बचाने का संदेश दिया जाता है। छोटी-सी पहल से भी बड़े स्तर पर बिजली की बचत संभव है
क्यों जरूरी है यह पहल? विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली उत्पादन का पर्यावरण पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में सामूहिक रूप से एक घंटे तक बिजली की बचत करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है।
राजस्थान में ब्लैकआउट को लेकर फैल रही खबरें केवल अफवाह हैं। वास्तविकता यह है कि यह एक स्वैच्छिक पर्यावरण अभियान है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से भाग लेकर ऊर्जा बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे सकते हैं।









