--विज्ञापन यहां--

मोदी ने ईरान युद्ध पर मुख्यमंत्रियों संग की अहम बैठक, बोले- मिलकर करें काम, देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा

On: March 29, 2026 6:36 AM
हमें फॉलो करें:
मोदी ने ईरान युद्ध पर मुख्यमंत्रियों संग की अहम बैठक, बोले- मिलकर करें काम, देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Group

Join Now

Facebook Page

Follow

मोदी ने ईरान युद्ध पर मुख्यमंत्रियों संग की अहम बैठक, बोले- मिलकर करें काम, देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा

बीकानेर न्यूज़, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे “टीम इंडिया” की भावना के साथ मिलकर काम करें और हर संभावित चुनौती के लिए तैयार रहें।

अब जमीनी ऑपरेशन होगी आर-पार की लड़ाई, अमेरीका के 3500 सैनिक लड़ाकू विमानो सहित मिडिल ईस्ट पहुंचे

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्कता और समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल ही इस चुनौतीपूर्ण समय में देश को मजबूत बनाए रखेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखना, ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि वे सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखें, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही उन्होंने खाद (उर्वरक) के पर्याप्त स्टॉक और उसके सही वितरण पर विशेष नजर रखने को भी कहा।इस बैठक की खास बात यह रही कि ईरान युद्ध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने पहली बार सभी मुख्यमंत्रियों के साथ सामूहिक चर्चा की। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।

बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, जिनमें एन. चंद्रबाबू नायडू, योगी आदित्यनाथ, रेवंत रेड्डी, भगवंत मान, भूपेंद्र पटेल, उमर अब्दुल्ला, सुखविंदर सिंह सुक्खू और पेमा खांडू सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के फैसलों की सराहना करते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती तथा LPG की आपूर्ति बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि राज्यों में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

इस बीच, सरकार ने देश में लॉकडाउन लगाए जाने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार हर स्तर पर स्थिति पर नजर रखे हुए है। वहीं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है और लोगों को जिम्मेदारी के साथ अफवाहों से बचना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी भरोसा दिलाया कि कोविड काल जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं लगेगा।

हालांकि, इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कोविड के समय की परिस्थितियों को देखते हुए लोगों में चिंता होना स्वाभाविक है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार से स्पष्टता बनाए रखने की अपील की। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि करीब दो महीने तक के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित है और सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

मंत्रालय के अनुसार, घरेलू LPG उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार ने पहले व्यावसायिक गैस की सप्लाई को सीमित किया था, लेकिन अब इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है। 14 मार्च से अब तक करीब 30,000 टन LPG की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसमें रेस्टोरेंट और ढाबों को प्राथमिकता दी गई है।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय मंत्री समूह का गठन किया है। इस समूह में अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी जैसे वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद यह संघर्ष शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की। पिछले चार हफ्तों से जारी इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर देखा जा रहा है, खासकर तेल और गैस की कीमतों पर।

ऐसे में भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी बैठक में यही संदेश दिया कि देश को इस समय एकजुटता, सतर्कता और मजबूत रणनीति की जरूरत है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर आम जनता पर न्यूनतम रहे।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

टेलीग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें