Kal Ka Mausam Update: राजस्थान में कल से बदलेगा मौसम, तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, जानें किन जिलों पर असर
बीकानेर। राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मार्च के अंतिम दिनों में जहां गर्मी का असर बढ़ने लगा था, वहीं अब मौसम विभाग ने प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 29 से 31 मार्च के बीच राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर तक फैला हुआ है। इसके साथ ही इस सिस्टम से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक एक द्रोणी (ट्रफ) बनी हुई है, जो वातावरण में अस्थिरता बढ़ा रही है। इसके अलावा बिहार से लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल तक भी निचले स्तर पर एक द्रोणी सक्रिय है। इन सभी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ी है, जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।
इन जिलों में ज्यादा असर
मौसम विभाग के मुताबिक, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, पिलानी, सीकर और कोटा संभाग में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि रात के समय हल्की ठंडक का अहसास बना रह सकता है। जहां आम लोगों के लिए यह मौसम राहत लेकर आ रहा है, वहीं किसानों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
- शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान में ओलावृष्टि की संभावना
- गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों को नुकसान का खतरा
- कटी हुई फसल के खराब होने की आशंका
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है:
- आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
- खराब मौसम में घर के अंदर सुरक्षित रहें
- बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों से बचें
- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें
राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं।
- उत्तरी ओडिशा और आसपास चक्रवाती परिसंचरण
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना और तमिलनाडु तक पवन विच्छिन्नता
- असम और कर्नाटक क्षेत्र में अलग-अलग सिस्टम
इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसकी हवाएं करीब 80 नॉट्स की गति से बह रही हैं।अप्रैल की शुरुआत भी रहेगी बदली . मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह में भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।इसका मतलब है कि गर्मी की शुरुआत थोड़ी धीमी रहेगी और लोगों को कुछ और दिन राहत मिल सकती है।
मार्च में दिखा अलग पैटर्न
इस साल मार्च का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य रहा है।
- हर 3-4 दिन में बारिश
- आंधी और तूफान की घटनाएं
- तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत भी हो सकता है।
आगे क्या रहेगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के मध्य तक तापमान तेजी से बढ़ सकता है और गर्मी लंबे समय तक बनी रह सकती है। हालांकि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के कारण राहत का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में कल से शुरू होने वाला मौसम बदलाव लोगों के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आएगा। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। यह बदलता मौसम आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम की दिशा तय करेगा।









