इजराइल ने लेबनान पर दागे गोले, एक दिन में 254 मौतें, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते

On: April 9, 2026 12:26 AM
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इजराइल ने लेबनान पर दागे गोले, एक दिन में 254 मौतें, ईरान बोला- सीजफायर और जंग साथ नहीं चल सकते

Middle East: लेबनान में इजराइल के ताजा हमलों ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। एक ही दिन में 254 लोगों की मौत और 1165 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है। लगातार हो रहे हमलों से नागरिकों में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य सेवाएं भी भारी दबाव में आ गई हैं। अस्पतालों में घायलों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और मेडिकल संसाधनों की कमी साफ नजर आ रही है।

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश के सभी राजनीतिक और कूटनीतिक संसाधनों को जुटाकर इजराइली हमलों को रोकने का प्रयास कर रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मदद की अपील की है, क्योंकि इतने बड़े स्तर पर घायलों का इलाज करना देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

इस बीच युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर विवाद और गहरा गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि लेबनान इस प्रस्तावित समझौते का हिस्सा नहीं है। जेडी वेंस ने बयान देते हुए कहा कि “हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया था”, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल युद्धविराम की संभावना कमजोर नजर आ रही है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर दबाव बनाते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू कराना चाहता है या इजराइल के जरिए युद्ध को जारी रखना चाहता है, क्योंकि दोनों चीजें एक साथ संभव नहीं हैं। इस बयान से क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल 1 डॉलर का टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस भुगतान को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लेने की तैयारी है। यदि यह योजना लागू होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और व्यापार पर भी पड़ सकता है।

ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर सख्त निगरानी रखने की योजना बना रहा है। जहाजों को पहले अपने कार्गो की पूरी जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी के अनुसार, यह कदम हथियारों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हालांकि इससे जहाजों की आवाजाही में देरी हो सकती है, क्योंकि जांच प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

कुल मिलाकर, लेबनान में बढ़ती हिंसा, सीजफायर पर असहमति और ईरान के नए कदमों ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति और भी जटिल हो सकती है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।

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