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ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता ठुकराई, कहा- अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा, तो ताबूत में वापस लौटेंगे

On: March 30, 2026 4:41 PM
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कहा- अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा, तो ताबूत में वापस लौटेंगे
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ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता ठुकराई, कहा- अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा, तो ताबूत में वापस लौटेंगे

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान की ओर से की जा रही किसी भी मध्यस्थता पहल का हिस्सा नहीं बनेगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में कूटनीतिक हल की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और युद्ध की आशंका और गहरा गई है। मुंबई स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी बयान में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ उसकी कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अन्य देशों के माध्यम से अनावश्यक और एकतरफा शर्तें थोपने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान का साफ इनकार
दरअसल, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी। लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा की जा रही बातचीत उसकी अपनी पहल है और इसमें ईरान की कोई भागीदारी नहीं है। इस बयान के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ उसकी कोई सीधी वार्ता नहीं चल रही है। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका सीधे बातचीत करने के बजाय अन्य देशों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच दूरी और बढ़ती दिखाई दे रही है।

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अमेरिका का सख्त रुख, सैन्य लक्ष्य पर फोकस
अमेरिका ने इस पूरे मामले में अपना रुख और कड़ा कर लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका का मुख्य लक्ष्य अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार अपनी रणनीति के तहत आगे बढ़ रहा है और धीरे-धीरे अपने लक्ष्य हासिल कर रहा है।

मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम पर उठे सवाल
मार्को रुबियो ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की शॉर्ट-रेंज मिसाइलें मुख्य रूप से आसपास के देशों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के हमलों में सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों को निशाना बनाया गया है। रुबियो ने ईरान से ड्रोन और मिसाइल निर्माण रोकने की मांग की है।

स्पेन का बड़ा फैसला, एयरस्पेस बंद
इस बीच यूरोप से भी बड़ा कदम सामने आया है। स्पेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसके अलावा स्पेन ने अपने सैन्य ठिकानों के उपयोग पर भी रोक लगा दी है। इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जो इस संघर्ष को लेकर वैश्विक चिंता को दर्शाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस संघर्ष को लेकर दोहरी रणनीति अपनाने की बात कही है। एक ओर कूटनीतिक बातचीत के जरिए युद्ध को रोकने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयारी जारी है। ट्रम्प ने यहां तक कहा है कि जरूरत पड़ने पर ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जा भी किया जा सकता है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी सैन्य तैनाती
अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ाया है।, 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के करीब 3500 सैनिक तैनात, लड़ाकू विमान और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भेजे गए। अतिरिक्त सैनिक, टैंक और युद्धपोत भेजने की तैयारी। यह तैनाती इस बात का संकेत है कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान ने भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के अंग्रेजी अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ के अनुसार, अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

क्या बढ़ेगा युद्ध का खतरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं। कूटनीतिक प्रयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं। दोनों पक्ष सख्त रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में किसी भी छोटी घटना से बड़ा संघर्ष भड़क सकता है। ईरान द्वारा पाकिस्तान की मध्यस्थता को ठुकराना और अमेरिका का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ सकते हैं। जहां एक ओर कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध की तैयारी भी तेज हो रही है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह तनाव कम होगा या एक बड़े संघर्ष में बदल जाएगा।

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